दद्दोजनम (दही के चावल)

स्नेहा कल रात को मैंने डिनर में जो चावल बनाये थे वो काफी मात्रा में बच गए है। मैं सोच रही हूँ कि क्यों न आज तुम दोनों बहनों को दही के चावल बनाना सिखाऊँ जो नव्या को बहुत पसंद है। यह मैं जब छोटी थी तब मेरी मम्मी (तेरी नानीसा) हैदराबाद में अकसर बनाया करती थी। यह गर्मी के दिनों में बहुत अच्छे लगते हैं। इसे बनाने के लिए हमे चाहिये:-

सामग्री:

  • उबले हुए चावल – 3 कटोरी
  • दही (ज्यादा खट्टा ना हो) – डेढ़ कटोरी
  • तेल  – 1 टेबल स्पून
  • कुछ दाने मेथी के
  • जीरा – 1 टी स्पून
  • राइ – 1 टी स्पून
  • चने की दाल – 2 टी स्पून
  • उड़द की दाल – 2 टी स्पून
  • मूंगफली दाना – 1 टेबल स्पून
  • साबुत लाल मिर्च – 3 या 4
  • करी पत्ते – 5 या 6
  • पीसी हुई हींग – 1 चुटकी
  • कटी हुई हरी मिर्च – 5 या 6
  • कसा हुआ अदरक – 1 टी स्पून
  • नमक – स्वादनुसार

विधि:

किसी बर्तन में उबले हुए चावल लेना और चावलों को नमक, हींग और दही के साथ अच्छे से मेश कर लेना (मसल लेना)। अब कढ़ाई में तेल गरम करना और उसमे मेथी दाने डालना। जब मेथी दाने हलके से भूरे हो जाएँ तब सबसे पहले राई और जीरा डालना। जब राई, जीरा चटकने लगे तब मूंगफली के दाने, चना दाल, उड़द दाल, करी पत्ते, साबुत लाल मिर्च, कटी हुई हरी मिर्च डालकर एक दो मिनट के लिए हिलाना और जब मूंगफली हलकी सी भूरी हो जाये तब इसको आंच पर से हटा लेना और इस छोंक को थोडा ठंडा करके पहले से रखे गए दही-चावल के मेश में डाल कर अच्छे से मिक्स कर लेना और हरे धनिये की पत्तियाँ डालकर सजा लेना।

सुझाव:

  1. इन चावलों को बनाते समय यह ध्यान रखना कि गर्मी के मौसम में ये ज्यादा देर बाहर न रह जाये वरना दही खट्टा होकर चावल बहुत खट्टे हो जाते हैं। इनको फ्रिज में रख देना।
  2. बनाते ही तुरंत इनको नहीं खाया जाता है। आधा एक घंटे बाद जब दालें और मूंगफली थोड़ी नर्म हो जाती है तब परोसना।
  3. यह रात के बचे हुए चावल सुबह अथवा सुबह के बचे हुए चावल शाम को बनाओगी तभी अच्छे लगेंगे। तुरंत उबाले हुए चावलों में अच्छा स्वाद नहीं आता।
  4. हींग छौंकते समय नहीं डाली जाएगी। इसको सीधा दही चावल में ही मिक्स किया जाता है।
  5. यदि चावलों ने सारा दही सोख लिया हो तो उसमे थोडा सा पानी डाल कर मिक्स कर लेना।

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